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चर्चित मुद्दे टाई ग्लोबल समिट डिजीफ़ेस्ट 2026 जयपुर में आयोजित इस डिजीफेस्ट में टाई ग्लोबल समिट का समावेश यह दर्शाता है कि छोटे शहरों में हो रहे प्रयासों को भी अब वैश्विक मंच मिल रहा है। यह पहली बार है कि टाई ग्लोबल समिट किसी मेट्रो शहर के बाहर हो रहा है और इसके लिए जयपुर का चयन निःसंदेह प्रदेश के डिजिटल नवाचारों के लिए पथ प्रदर्शक साबित होगा। *डिजिटल सस्टेनेबिलिटी और नवाचारों से प्रशस्त होगा अंत्योदय का मार्ग* आप किसी भी क्षेत्र में कार्य करने के इच्छुक हो, चाहें शिक्षा हो, या स्वास्थ्य, एग्रीकल्चर या स्पेस टेक्नोलॉजी। देखिए कि वहां कौन लोग हैं जो मुख्यधारा से छूट गए हैं ? सिर्फ उसकी समस्या मत देखिए। यह भी जानने का प्रयास करें कि उस समस्या का कारण क्या है? जब आप उस व्यक्ति को समझने का प्रयास करेंगे तो सिर्फ लक्षण नहीं असल बीमारी आप के समझ में आएगी और फिर जो आप उसका डिजिटल इलाज करेंगे तो वह उसको पूर्ण राहत प्रदान करेगा। उन सभी का आप की सेवाओं में विश्वास बढ़ेगा और यही आप के नवाचार को सस्टेन करने की क्षमता, यानी सस्टेनेबिलिटी देगा । इसका सर्वोत्तम उदाहरण भारत सरकार का डिजिटल इंडिया मिशन है। जब हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान की शुरुआत की तब ही उन्होंने एक संकेत दिया था। “ई गवर्नेंस” से “एम गवर्नेंस”, यानी समाधान इतना सरल हो जो मोबाइल से ही हो जाए। क्योंकि अधिकांश लोगों के पास अपना निजी कंप्यूटर नहीं होता। उस समय यह किसी स्वप्न सा लगता था, क्योंकि एक बड़ी आबादी बैंकिंग से कटी हुई थी। मोदी जी ने सब से पहले बैंकिंग क्षेत्र में असमानता को दूर किया। इसका एक लाभ जहां डीबीटी, यानी डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर से राशि सीधे लाभार्थियों को मिलने लगी तो भ्रष्टाचार कम हुआ। बैंकिंग का दायरा बढ़ा तो बैंकिंग क्षेत्र भी सशक्त हुआ और भारत की डिजिटल पेमेंट व्यवस्था दुनिया में सब से ज्यादा मज़बूत और कारगर बनकर उभरी है। वहीं उन्होंने अपने अनुभवों से आम आदमी के जीवन में दस्तावेजों के महत्व को समझा था । डिग्री हो या लाइसेंस, इन्हें सत्यापन के लिए साथ ले जाना भी होता था और इनके खोने या खराब होने का डर बना रहता था। डिजी लॉकर के माध्यम से इसका फुलप्रूफ समाधान किया गया। इनका लाभ हमें कोविड काल में देखने मिला, डिजिटल पेमेंट और डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर से लोगों को राहत मिली । वहीं डिजिटल लॉकर के माध्यम से युवाओं को कॉलेज एडमिशन प्रक्रिया में दस्तावेज सत्यापन में सहायता मिली । यह हमारा सौभाग्य है कि डिजिटल इंडिया की सफलता से भारत आज आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और स्टार्टअप प्रतिस्पर्धा में शीर्ष तीन देशों में अमरीका और चीन के साथ खड़ा है। राजस्थान इसमें भारत का अग्रणीय राज्य बनने के लिए तैयार है। सशक्त नीति और उत्कृष्ट संस्थानों की स्थापना कर राजस्थान आज डिजिटल नवाचारों की अनंत संभावनाओं के लिए अपने द्वार खोल रहा है। राज्य सरकार ने गत वर्षों में क्षमता, दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दिया है तो वहीं निजी क्षेत्र में हो रहे नवाचारों को सशक्त बनाने का प्रयास किया है। आई-स्टार्टअप की सफलता इसकी एक नजीर है । डिजीफेस्ट और टाई ग्लोबल समिट इसी क्रम में आमंत्रण है डिजिटल क्षेत्र में विश्व पटल पर सफल प्रयोगों, शोध और अनुभव के लिए, साथ ही यह आधार बनेगा स्थानीय युवाओं की सृजन क्षमता और नवाचार की ऊर्जा को दिशा देने के लिए। नवाचार के प्रणेताओं को चाहिए कि वे आगे आयें, सजग हों, इस कार्यक्रम में आए विशेषज्ञों के साथ संवाद कर अनुभव और ज्ञान ग्रहण करें। इस ज्ञान से समाज के चहुमुखी उत्थान के लिए कार्य करें और स्वयं के साथ राजस्थान का गौरव बढ़ाएं।
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