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भारतीय संविधान में ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक वांगमय का चित्रण

भारतीय संविधान में ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक वांगमय का चित्रण भारतीय संविधान की मूल प्रति में शांतिनिकेतन के कलाकार नंदलाल बोस और उनके शिष्यों द्वारा बनाए गए 22 प्रमुख चित्र हैं। ये चित्र भारतीय इतिहास, संस्कृति और पौराणिक कथाओं को दर्शाते हैं, जिन्हें संविधान के विभिन्न भागों की शुरुआत में शामिल किया गया है। इन चित्रों में हड़प्पाकालीन सभ्यता से लेकर सिंधु घाटी सभ्यता, रामायण, महाभारत, बुद्ध, महावीर, अशोक, अकबर, रानी लक्ष्मीबाई, गांधीजी के दांडी मार्च, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, स्वाधीनता संग्राम और आधुनिक भारत तक के चित्र शामिल हैं। संविधान के चित्रों की प्रमुख विशेषताएं: चित्रकार: नंदलाल बोस के निर्देशन में इन चित्रों को तैयार किया गया, जिसमें राममनोहर सिन्हा, राजस्थान के ब्लू पॉट्री आर्टिस्ट कृपाल सिंह शेखावत और अन्य कलाकारों ने भी योगदान दिया। विषय: इन चित्रों में भारत के 5,000 वर्षों के इतिहास और परंपरा को दर्शाया गया है। स्थान: संविधान के 22 भागों (Parts) की शुरुआत में 8x13 इंच के चित्र बनाए गए हैं। प्रमुख चित्र: प्रस्तावना (Preamble) का खूबसूरत चित्रण राममनोहर सिन्हा द्वारा सजाया गया, जो नंदलाल बोस के शिष्य थे। अन्य चित्रों में वैदिक काल के गुरुकुल का दृश्य, रामायण और महाभारत के राम, सीता, लक्ष्मण की अयोध्या वापसी और कृष्ण द्वारा अर्जुन को गीता का उपदेश प्रमुख हैं । ऐतिहासिक व्यक्तित्व में बुद्ध, महावीर, सम्राट अशोक, विक्रमादित्य, अकबर, शिवाजी महाराज, टीपू सुल्तान, रानी लक्ष्मीबाई, गांधीजी, सुभाष चंद्र बोस तथा भौगोलिक दृश्य में हिमालय, रेगिस्तान और महासागर के दृश्य चित्रित किये गए हैं । प्रतीकात्मकता: जेबू बैल (सिंधु घाटी सभ्यता), नटराज (दक्षिण भारतीय कला), और शेर (अशोक स्तंभ) जैसे चित्र भारत की शक्ति और विरासत के प्रतीक हैं। इन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर की गाथा गाते हुए चित्रों को बनाने में करीब चार साल का समय लगा था। वंदे मातरम 🙏🏻🇮🇳🇮🇳🇮🇳🙏🏻